अररिया : भारत-नेपाल सीमावर्ती शहर जोगबनी रविवार को देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। आजादी के अमृत महोत्सव और राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से, सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 56वीं वाहिनी द्वारा एक भव्य 'तिरंगा यात्रा' का आयोजन किया गया।
गांधी चौक से थाना तक पैदल मार्च
इस यात्रा का नेतृत्व 56वीं वाहिनी के कमांडेंट एस. कुमार के दिशा-निर्देशन और जोगबनी प्रभारी चन्दन कुमार ने किया। "तिरंगा हमारी शान है" अभियान के तहत आयोजित यह यात्रा ऐतिहासिक गांधी चौक से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए जोगबनी थाना तक पहुँची। इस दौरान पूरा क्षेत्र 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों से गूंज उठा।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की रही भारी मौजूदगी
इस ऐतिहासिक यात्रा में एसएसबी जवानों के साथ-साथ क्षेत्र के दिग्गज जनप्रतिनिधियों ने भी कदम से कदम मिलाया। मुख्य रूप से फारबिसगंज के कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, नरपतगंज की भाजपा विधायक देवंती यादव, जोगबनी नगर परिषद की मुख्य पार्षद रानी देवी, पूर्व मुख्य पार्षद प्रतिनिधि राजू राय, पूर्व उपमुख्य पार्षद नरेश प्रसाद, और जोगबनी व्यापार संघ के अध्यक्ष भीम राय शामिल हुए। इसके अलावा मंटू भगत, कमल तापड़िया, दिनेश साह, सुभाष झा और सुनील झा जैसे गणमान्य नागरिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
स्कूली बच्चों और युवाओं में दिखा गजब का उत्साह
यात्रा का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों और युवाओं का जोश था। हाथों में तिरंगा लहराते हुए बच्चों की भागीदारी ने माहौल को देशप्रेम से भर दिया। इस आयोजन में जेनिथ पब्लिक स्कूल, उच्च माध्यमिक विद्यालय बथनाहा, यूपीएस स्कूल जोगबनी, उच्च विद्यालय जोगबनी, राधाकृष्ण सरस्वती विद्या मंदिर, एम.एस. इंडियन पब्लिक स्कूल महेश्वरी, नोवेल एकेडमी, आभा देवी ज्ञानपीठ नरपतगंज, एम.एस. अमौना स्कूल, उर्मिला पब्लिक स्कूल, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय कोशी शिविर, हाई स्कूल अमौना और जीवन दीप एकेडमी मटिहारी सहित कई शिक्षण संस्थानों के छात्रों ने भाग लिया। अनुमानतः 10,000 से अधिक लोगों की भीड़ इस यात्रा का हिस्सा बनी।
सुरक्षाबलों और जनता के बीच बढ़ा विश्वास
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्र के नागरिकों में देशप्रेम की भावना जगाना और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना था। यह आयोजन सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों और आम नागरिकों के बीच भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक बन गया। साथ ही, इस पहल से पड़ोसी देश नेपाल के साथ भी मैत्रीपूर्ण संबंधों का एक सकारात्मक संदेश गया है।
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