फारबिसगंज। कहते हैं कि खुशियां बांटने से दोगुनी हो जाती हैं, और जब इन खुशियों को किसी भूखे के चेहरे की मुस्कान से जोड़ दिया जाए, तो वह सेवा ही ईश्वर की सच्ची इबादत बन जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा आज फारबिसगंज में देखने को मिला, जहां 'आपकी रसोई फारबिसगंज' के माध्यम से पिछले दो वर्षों से लगातार बिना थके, बिना रुके जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
तपती धूप हो या कड़कती ठंड, इस रसोई का चूल्हा कभी ठंडा नहीं पड़ता।
संस्था के अध्यक्ष, पत्रकार सह समाजसेवी त्रिभुवन ठाकुर ने भावुक होते हुए बताया कि आज की इस विशेष रसोई का पूरा श्रेय ट्रूसॉफ्ट के डायरेक्टर धनजीत साह को जाता है। उन्होंने अपने जीवन के सबसे खूबसूरत पड़ाव यानी अपनी वैवाहिक वर्षगांठ को किसी आलीशान होटल या चकाचौंध भरी पार्टी में मनाने के बजाय, समाज के उस तबके के साथ मनाने का फैसला किया जो दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करता है।
फारबिसगंज रेलवे स्टेशन परिसर पर जब जरूरतमंद लोगों को आदरपूर्वक गर्म और स्वादिष्ट भोजन वितरण किया गया तो उनके चेहरों पर जो तृप्ति और संतोष की लकीरें उभरीं वह किसी भी महंगे उपहार से कहीं बढ़कर थीं। कई बुजुर्गों की आंखें छलक आईं और उन्होंने धनजीत साह के सुखी दांपत्य जीवन के लिए दिल खोलकर दुआएं दीं।
धनजीत साह ने बताया कि 'आपकी रसोई' ने आज एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समाज में आज भी संवेदनाएं जिंदा हैं। आपकी रसोई की यह पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी खुशियों को सार्थक बनाना चाहता है। दो साल का यह सफर सिर्फ अनाज बांटने का नहीं, बल्कि इंसानियत के प्रति विश्वास को जिंदा रखने का सफर बन चुका है।
मौके पर विशाल झा,प्रिंस कुमार,शिवम कुमार,डेविड सिंह,शुभंकर मिश्रा,
कुमारी ईशा, अभिनंदन कुमार, शिव कुमार, लक्ष्मण कुमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
