डिजिटल इंडिया के दावों पर सवाल : सैफगंज में बिजली के साथ गायब हो जाता है मोबाइल नेटवर्क

News Bharatwarsh
0
अररिया के फारबिसगंज प्रखंड का सैफगंज गांव आज भी डिजिटल क्रांति के इस दौर में एक अजीब त्रासदी झेल रहा है। यहाँ लगा जियो का मोबाइल टावर सिर्फ एक ढांचा बनकर रह गया है, जिसकी सांसें बिजली की मौजूदगी तक ही सीमित हैं। जैसे ही बिजली कटती है, वैसे ही सैफगंज का पूरी दुनिया से संपर्क भी कट जाता है। नेटवर्क का यह 'आना-जाना' पिछले कई सालों से एक ऐसा नासूर बन चुका है जिसका कोई इलाज नहीं मिल रहा।
सोचिए, किसी आपातकाल में जब किसी बीमार बुजुर्ग या गर्भवती महिला के लिए एम्बुलेंस बुलानी हो, और मोबाइल की स्क्रीन पर  नेटवर्क रहते हुए भी काम नहीं कर रहा है तो उस परिवार पर क्या गुजरती होगी? डिजिटल इंडिया के इस दौर में, जहाँ पढ़ाई से लेकर दवाई और बैंकिंग तक सब कुछ ऑनलाइन है, वहाँ सैफगंज के युवा, छात्र और आम लोग सिर्फ एक अदद नेटवर्क के लिए छतों पर दौड़ते हैं या खेतों की तरफ भागते हैं। यह सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि ग्रामीणों के सब्र और उनके अधिकारों की अनदेखी है।
कई सालों से जारी इस समस्या ने डिजिटल समावेशन के दावों की पोल खोल दी है। सैफगंज के लोग आज भी इसी उम्मीद में जी रहे हैं कि कभी तो प्रशासन और कंपनी की नींद टूटेगी और उन्हें इस नेटवर्क के 'अंधेरे' से मुक्ति मिलेगी।

वही जिओ के अररिया नेटवर्क इंचार्ज चंदन कुमार ने बताया कि हमें आपके द्वारा जानकारी मिली है,अगर ऐसी समस्या है तो जल्दी ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)
3/related/default