फारबिसगंज: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रुंगटा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (RITM), फारबिसगंज में योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के बीच स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन तथा शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षक श्री अनिकेत गोस्वामी के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराते हुए योग के महत्व एवं उसके स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से एकाग्र तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाता है।
इस अवसर पर समाजसेवी एवं शिक्षाप्रेमी श्री कैलाश अग्रवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में संस्थान के उप निदेशक श्री एस. बी. कुमार, प्राचार्य डॉ. रशीद हुसैन, डीजीएम (वित्त) श्री लक्ष्मी नारायण मिश्रा, उप प्रशासनिक पदाधिकारी श्री नीरज कुमार, श्रीमती मोना झा, श्रीमती इंदु कुमारी सहित संस्थान के अन्य संकाय सदस्य, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षक श्री अनिकेत गोस्वामी ने स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि योग न केवल शरीर को निरोग रखता है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देता है।
अपने संबोधन में उप निदेशक श्री एस. बी. कुमार ने कहा कि योग व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
प्राचार्य डॉ. रशीद हुसैन ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। योग विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
श्रीमती मोना झा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित एवं तनावमुक्त बनाने की जीवनशैली है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया।
संस्थान के चेयरमैन श्री महाबीर प्रसाद रुंगटा ने अपने संदेश में कहा,
"योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य देन है। आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धी जीवन में योग शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन का सबसे प्रभावी माध्यम है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने की प्रेरणा देता है। RITM विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को भी समान महत्व देता है।"
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन एवं उत्साह के वातावरण में संपन्न यह आयोजन विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायी एवं लाभकारी सिद्ध हुआ।
RITM द्वारा समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में योगदान देना है।
