नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग ने गीत “टट्टीरी” के संबंध में लिए गए स्वतः संज्ञान के मामले में आज दिनांक 07 अप्रैल, 2026 को सुनवाई की। सुनवाई में श्री आदित्य प्रतीक सिंह उर्फ बादशाह (गीतकार एवं गायक), श्री जोबन संधू (निर्देशक), श्री महावीर सिंह (निर्देशक) एवं श्री हितेन (निर्माता) उपस्थित रहे।
सुनवाई की अध्यक्षता आयोग की माननीय अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने की। उन्होंने कहा कि उक्त गीत के बोल एवं उसका प्रस्तुतीकरण महिलाओं की गरिमा और शालीनता को ठेस पहुँचाने वाला है, माननीय अध्यक्षा ने इस गीत से महिलाओं की गरिमा को हुई क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त किया और संबंधित पक्षों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने के निर्देश दिए।
सभी संबंधित पक्षों ने आयोग के समक्ष लिखित रूप में बिना शर्त माफी प्रस्तुत की और समाज को हुए नुकसान पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता भी जताई। गायक बादशाह ने आयोग के समक्ष कहा कि “मैं महिलाओं और समाज के उत्थान के लिए कार्य करूंगा। महिला सशक्तिकरण पर एक सकारात्मक गीत 4 माह के भीतर प्रस्तुत करूँगा तथा भविष्य में इस प्रकार की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होऊँगा।
बादशाह ने आयोग के सामने आर्थिक रूप से कमजोर 50 बालिकाओं की शिक्षा का प्रायोजन करने की बात राखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 4 माह के भीतर महिलाओं के सशक्तिकरण पर एक गीत बनाने का भी संकल्प लिया।
