अररिया : राज्य के SC-ST कल्याण विभाग के शिक्षकों का अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण आंदोलन अब और अधिक संगठित और मुखर हो गया है। प्रशासन द्वारा निर्धारित समय सीमा 27 अप्रैल तक कोई समाधान न मिलने पर, शिक्षकों ने चरणबद्ध तरीके से अपने आंदोलन को तेज कर दिया है।
घोषणा के अनुरूप, 27 अप्रैल 2026 से शिक्षकों ने 'पेन डाउन' (कार्य बहिष्कार) आंदोलन का आगाज कर दिया है। इसके तहत शिक्षक अब दोपहर 1:50 बजे के बाद किसी भी प्रकार का गैर-शैक्षिक कार्य नहीं कर रहे हैं। हालांकि, अपनी व्यावसायिक नैतिकता का परिचय देते हुए शिक्षक अभी भी शैक्षिक दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन के साथ असहयोग का यह रुख स्पष्ट संकेत दे रहा है कि वे अब झुकने को तैयार नहीं हैं।
इस आंदोलन को विभिन्न शिक्षक संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। BiSSWA और GOPE संघ ने इसे पूरी तरह नैतिक समर्थन दिया है। इतना ही नहीं, GOPE संघ ने राज्य के माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों की मांगों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया है, जिससे आंदोलन को नई मजबूती मिली है।
शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह तर्कसंगत हैं और प्रशासन को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। यदि स्थिति का समाधान नहीं निकलता है, तो शिक्षकों ने आंदोलन को और भी व्यापक स्वरूप देने की चेतावनी दी है। फिलहाल, शैक्षणिक परिसरों में माहौल शांतिपूर्ण है, लेकिन शिक्षकों का संघर्ष जारी है।
